Know All About Sovereign Gold Bond in Hindi (4 Types)

Sovereign Gold Bond in Hindi (SGBs) are a government-backed investment option in India, aimed at encouraging financial savings in gold. They offer a convenient and secure way to invest in gold without physical ownership. SGBs come with tax benefits, including exemption from capital gains tax upon maturity. However, interest earned on SGBs is taxable under “Income from Other Sources.” These factors make SGBs an attractive investment avenue for individuals seeking exposure to gold with favorable tax treatment. 

Sovereign Gold Bond in Hindi

सूवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds – SGBs) भारत सरकार द्वारा जारी एक वित्तीय उपकरण हैं जो सोने में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हैं। ये निवेशकों को भारी राशि में सोने के लिए व्यक्तिगत स्वामित्व की आवश्यकता नहीं होती, इसके बजाय सोने के निवेश के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करते हैं। SGBs में टैक्स लाभ भी होता है, जिसमें परिपूर्णता के उपरांत पूंजी लाभ कर करवाई गई कर की छूट शामिल है।

क्या होता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड?

सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) एक वित्तीय उपकरण होते हैं जो भारत सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं। यह बॉन्ड सोने में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किए गए हैं। इसका मुख्य लक्ष्य सोने के निवेश को बढ़ावा देना है, जिससे लोग सोने के लिए फिजिकल प्रॉपर्टी की आवश्यकता से मुक्त हो सकें।

इन बॉन्डों की विशेषता यह है कि इन पर किसी प्रकार का भी ब्याज नहीं दिया जाता है। बॉन्डों की कीमत तय मूल्य पर खरीदी जाती है, जिसमें बॉन्ड होल्डर को लाभ हो सकता है। इन बॉन्डों का मैच्योरिटी पीरियड आठ साल का होता है।

इन बॉन्डों को बेचने का विकल्प भी होता है, लेकिन इसमें कुछ शर्तें होती हैं। इसमें बिना वित्तीय संस्था के सहायता के बेचा जा सकता है।

सोवरेन गोल्ड बॉन्डों की एक और विशेषता यह है कि इन पर निवेश करने पर कोई भी टैक्स नहीं दिया जाता है। लेकिन, इसका वास्तविक परिणाम आपकी आय के आधार पर निर्भर करता है, और आपको अपने निवेश को टैक्स बोर्ड को सूचित करना हो सकता है।

Sovereign Gold Bond Types

सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के विभिन्न प्रकार हो सकते हैं, जैसे कि:

  1. नियमित सोवरेन गोल्ड बॉन्ड: ये बॉन्ड निर्धारित समयानुसार निकाले जाते हैं और उनकी अवधि भी निर्धारित होती है।
  2. सीरीज़ सोवरेन गोल्ड बॉन्ड: इन बॉन्डों की अवधि निर्धारित नहीं होती है और इन्हें नियमित अंतरालों पर लॉन्च किया जाता है।
  3. लोकप्रिय सोवरेन गोल्ड बॉन्ड: यह बॉन्ड सरकारी स्कीमों के तहत निकाले जाते हैं और उन्हें लोगों के बीच प्रसारित किया जाता है।
  4. विशेष सोवरेन गोल्ड बॉन्ड: इन बॉन्डों में कुछ विशेष गुण होते हैं, जैसे कि ब्याज दर या मोटाई।

कब हुई थी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की शुरुआत?

सूवरेन गोल्ड बॉन्ड की शुरुआत 2015 में हुई थी। इस पहल के तहत, भारत सरकार ने सोने में निवेश को बढ़ावा देने के लिए इस वित्तीय उपकरण को शुरू किया था। इसका उद्देश्य था भारतीय निवेशकों को सोने के निवेश के लिए एक सुरक्षित और आसान विकल्प प्रदान करना।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में कैसे निवेश करें?

सूवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के लिए निम्नलिखित कदम अनुसरण करें

  1. वित्तीय संस्था या बैंक के लिए आवेदन करें जो सूवरेन गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी के लिए नियुक्त है।
  2. आवेदन पत्र भरें और आवश्यक दस्तावेज़ संग्रह करें।
  3. बॉन्ड की कीमत के लिए भुगतान करें और निवेश की पुष्टि के लिए इंतजार करें।
  4. बॉन्ड के लिए प्राप्त प्रमाणपत्रों को सुरक्षित रखें।

इसके अलावा, आप अपने बैंक खाते के माध्यम से भी ऑनलाइन बॉन्ड खरीद सकते हैं, यदि यह सुविधा उपलब्ध है। ध्यान दें कि आवेदन प्रक्रिया और निवेश की प्रक्रिया संबंधित संस्था के नियमों और शर्तों के अनुसार हो सकती है।

सोवरन गोल्ड बॉन्ड टेन्योर और ब्याज दर

सोवरेन गोल्ड बॉन्ड की टेन्योर एक्सपायरी टेन्योर के रूप में होती है, जो 8 साल की होती है। बॉन्ड के लिए ब्याज दर प्रतिवर्ष 2.50% होती है, जिसे हर वर्ष भुगतान किया जाता है। इसके अलावा, बॉन्डों पर वित्तीय संस्था द्वारा एक अतिरिक्त ब्याज दर भी दी जा सकती है।

Bottomline:-

अंतिम रूप: सोवरेन गोल्ड बॉन्ड एक वित्तीय उपकरण है जो सोने में निवेश करने का अच्छा विकल्प प्रदान करता है, जिसमें निवेशकों को कर लाभ के अवसर मिलते हैं। इसका उपयोग एक सुरक्षित और आसान तरीके से सोने में निवेश करने के लिए किया जा सकता है।

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